गर डूबे जिंदगी मोहब्बत की लहरों में
ये सहना भी तो कभी आसां नहीं होता
मोहब्बत की राह में खाएं हैं इतने धोके
ये हाल - ए - मोहब्बत भी अब बयां नहीं होता
ज़ज्ब हुए हैं वो किये गए वादे इरादे
ज़ज्ब हुए हैं वो सपने वो प्यारी यादे
भूले हैं उन हसीं जुल्फों को यारों
जिनके बने थे कभी हम तो प्यादे
इश्क है धोका , इश्क है छलावा
केवल इश्क की बाँहों में जहाँ नहीं होता
मोहब्बत की राह में खाएं हैं इतने धोके
ये हाल - ए - मोहब्बत भी अब बयां नहीं होता||
No comments:
Post a Comment